50+ Happy Krishna Janmashtami Wishes 2021

Happy Krishna Janmashtami Wishes 2021 : भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है। इस साल 30 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन विधि- विधान से भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की पूजा- अर्चना की जाती है। इस दिन भक्त व्रत भी रखते हैं। देश- दुनिया में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। इस पावन दिन खूबसूरत संदेशों के जरिए भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं भी दी जाती हैं। इस साल भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर शेयर करें ये खूबसूरत संदेश…

 

नटखट कान्हा आए द्वार
लेकर अपनी बांसुरी साथ
मोर मुकुट सर पर सोहे
और आंखों में काजल की धार
मुबारक हो आप सबको
जन्माष्टमी का शुभ त्योहार 🙏


यशोदा का लाला, नटखट गोपाला,
गौओं का रखवाला है बंशीवाला,
माखन चुराए, गोपियन सताए,
रास रचाये, सबको नचाये,
लीला दिखाये ये मुरलीवाला…

राधे… राधे


यशोदा का लाला, नटखट गोपाला,
गौओं का रखवाला है बंशीवाला,
माखन चुराए, गोपियन सताए,
रास रचाये, सबको नचाये,
लीला दिखाये ये मुरलीवाला…

राधे… राधे


कृष्ण पक्ष की कि अष्टमी को जन्म कृष्ण,
नंदगांव का नटखट नंदलाल कृष्ण,
गोवर्धन को उंगली पर उठाता कृष्ण,
मथुरा का माखन चोर कृष्ण,
यमुना तीरे चीर चुराता कृष्ण,
वृंदावन का प्यारा कान्हा कृष्ण,
गोकुल वाला ग्वाला कृष्ण,
बरसाने में रास रचाता कृष्ण,
महाभारत का सूत्रधार कृष्ण,
द्वारका के द्वारकाधीश कृष्ण,
सारी सृष्टि के पालनहार श्रीकृष्ण….


माखन चुराकर जिसने खाया,
बंशी बजाकर जिसने नचाया,
खुशी मनाओ उनके जन्मदिन की,
जिन्होने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया…

नंद का नंदलाला है वो,
यशोदा मैया का दुलारा है वो,
कान्हा है वो राधा का,
मीरा का गिरधर गोपाला है वो…


राधे कृष्ण….

आ गयी है गवालों की टोली,
मटकी फोड़ेंगे फिर कान्हा जी,
चटक मटक फट से चढ़ जाए,. आसमान में रास रचाये,
माखन को सब में बिखराये,
नटखट कान्हा यूं धूम मचाये….


 कुमकुम लाओ तिलक लगाओ,
बांके बिहारी आए हैं,
नाचो गाओ, धूम मचाओ,
कुंज बिहारी आए हैं,
आँगन सजाओ, फूल बरसाओ,
श्री बनवारी आए हैं,
मिश्री मावा माखन खिलाओ,
श्री गिरधारी आये हैं….

जय श्री कृष्ण…


कृष्ण के कदम आपके घर आएं,
खुशियों के आप दीप जलाएं,
रहे परेशानी आपसे दूर,
कृष्ण जन्मोत्सव की हजारों शुभकामनाएं….

माखन चुराकर जिसने खाया,
बंशी की धुन पर सबको नचाया,
आओ मिलकर उनके गुण गायें,
जिसने दुनिया को प्रेम सिखाया…..


मिश्री की थाल,
माखन का कटोरा,
बारिश की फुहार,
मुबारक हो आपको
जन्माष्टमी का त्योहार…..


कान्हा की नगरी में
कान्हा की दीवानी
झूम झूम ठुमरी गाए
प्रेम रस में थिरके पांव
वृंदावन में सखियों के संग
उतर आया कन्हैया का रंग….


एक-एक लम्हा दिल तुमसे
मिलने को बेकरार है
माखन-मिश्री लिए बैठी हूँ
नजरों को तुम्हारा इंतजार है।

जन्माष्टमी की शुकामनाएँ


उसकी लीला की बात निराली
जहाँ नाम है उसका
वहां आती खुशहाली
मधुबन का है वो कन्हैया
गोपियां हैं जिसकी दीवानी….

राधे कृष्ण…


राधा कृष्ण की जोड़ी है बड़ी प्यारी
इनका प्रेम है अद्भुत लगे सभी को न्यारी
भले साथ नहीं रहे वो हो गए जुदा
पर प्रेम का अन्य नाम तो है त्याग सदा…

राधे कृष्ण….


सुनाकर तान मुरली की
सबका मन मुग्ध कर देता है
भजन करो उस कान्हा का
जो विष को भी अमृत कर देता है।


 हाथ में मुरली,
लिपटा माखन मुख पे
मोर मुकुट धारण किये
मंद-मंद मुस्काये
छवि जिनकी मन को भाए
मुरली जिनकी प्रेम धुन गाये
वो जो धर्म का मार्ग दिखलाए
है वो गिरधर ही जो जग में प्रेम बरसाए….

राधे कृष्ण….


 गोकुल जिसका घर रहा
यशोदा जिसकी माई
उस कान्हा के जन्म की
आज शुभ घड़ी है आई….

जन्माष्टमी की शुकामनाएँ….


पकड़ कर हाथ मनमोहन
मुझे उस पार ले जाना
पुकारूँ जब भी मैं तुमको
समय पर आप आ जाना…

जन्माष्टमी की शुकामनाएँ….


लड्डू गोपाल का बाल रूप मनोहारी
धरे शीष जब मोर मुकुट मैया जाए बलिहारी
सुंदर सरल रूप लिए कान्हा हुए जब अवतरित
तारणहार बन जग का करने कल्याण लिया जन्म
देवकी और यशोदा मैया के लाल के रूप में बन मोहन मुरारी….


ना मोर पंख ना बांसुरी लुभाए
ना फूलों की सुंदर मालाएँ
बस प्रेम से बोलो राधे राधे
तो कन्हैया भागे-भागे आये….

राधे कृष्ण….


छम छम सावन बीत गया
अब भादों मास की बारी है
श्रीकृष्ण आएंगे घर घर
‘जन्माष्टमी’ की तैयारी है.।


बिछड़ कर रह गए
फिर भी प्यार है हद से ज्यादा
ऐसे ही अमर कहानी
रच गए कृष्ण-राधा….

राधे कृष्ण….


बांसुरी की मधुर धुन से शृंगार,
चक्र से प्रहार,
जब जैसी जरूरत रही,
कृष्ण ने किया विचार….

राधे कृष्ण…. 🙏


अन्याय से त्रस्त जन को मिले रखवाले
मुक्ति का मार्ग खुला टूट गए सब ताले
भादों की अष्टमी की अर्धरात्रि में हुआ
अवतार श्रीकृष्ण का तो हो गए उजाले….


 प्रेम से चलता सारा संसार है
इस जग में वह जीवन का आधार है
जो स्वयं द्वारकाधीश की शक्ति की वजह है
वह तो राधा का कृष्ण के लिए निःस्वार्थ प्रेम है।


 जिसकी बांसुरी की धुन झूम उठे पूरा वृंदावन
जिसकी जग में हैं लीलाएं न्यारी
गोपियों की तोड़ माखन गगरी
मैया यशोदा संग लाड़ लड़ाए
और राधा के संग रास रचाये
वो हैं हमारे कृष्ण मुरारी….

राधे कृष्ण 🙏


 गाय का माखन, यशोदा का दुलार
ब्रम्हांड के सितारे कन्हैया का सिंगार
सावन की बारिश और भादों की बहार
नंद के लाला को हमारा बारंबार नमस्कार 🙏


 कान्हा ओ गोपाला
तेरी अतरंगी है माया,
तु सबके मन पे छाया,
तु सबका है रखवाला,
तु सबके दिल में भाया,
ओ गोपाला तु है सबसे निराला।
तेरी हर छटा निराली
तु वृंदावन बिहारी
तूझे माखन है बड़ा
प्यारा,
तु गोपियों का बड़ा
दुलारा,
यूँ तो तेरे कई नाम हैं,
पर सबके मन में बसा घनश्याम है,
कृष्ण, कन्हैया, गिरधर गोपाला
बांके बिहारी है सबका रखवाला।


माखन चोर वो कहलाए…..
फिर भी है वो सबको भाए
ढेर नामों से लोग जिसे बुलाए…..
उसे सबके सब नाम भाए
रास लीला ऐसी वो रचाये…..
जो सबके मन को भाए
सब प्रेम से उसे बुलाए…..
कण-कण में है वो पाया जाए
जिसका जन्मदिन सारी दुनिया….
बड़ी धूमधाम से है मनाए
और कोई नहीं वो ही तो मेरे कान्हा..
श्याम सुंदर बांके बिहारी कहलाए।


भादों मास की अष्टमी लियो धरा अवतार
नक्षत्र रोहिणी जन्मे प्रियवर नंद के लाल
नगाड़े बज रहे द्वार गोपियां गायें मंगलचार
मोहिनी सूरत लियो हृदय बसो मदन गोपाल
हाथ में मुरली मुकुट शीश गले जयमाल
तिरछे से ये नैन तिहारे अधर सजे मुस्कान
प्रियवर तेरे चरणों में है नमन बारंबार
बधाई हो सबको जन्माष्टमी का त्योहार।


 कारागार में जन्म लिया, और वृंदावन में खेला है,
धर्म का ज्ञान दिया और कर्म का मार्ग दिखाया है।
राधा संग रास रचाकर अनुरक्ति भाव समझाया है,
कंस का मर्दन कर जग को नीति नियम समझाया है।
लाज बचा पांचाली की, नारी का महत्व बताया है,
लगा सुदामा को सीने से, मित्र भाव समझाया है।
मनमोहन वो कृष्ण कन्हैया, जीवन दर्शन देने वाला है।।


 जो प्रेम का प्रतीक है
जो सारे ग्वालीनों का मीत है
वही कल बृज में आएंगे
सारे ब्रजवासी खुशी मनाएंगे….
मचेगी धूम बजेगी बधाई
आएंगे हमारे श्रीकृष्ण कन्हाई
लगेगा नारा चारों तरफ सिर्फ एक ही नाम का
मेरे मुरलीधर श्री राधे श्याम का….
आने से उसके हम सब नाचे गाएंगे
पूरे साल की खुशी एक दिन में मनाएंगे…।।


सज्जित होगा गुलाब सुमन से झूला
मन हर्षित कर माखन मिश्री का भोग लगेगा
भजन कीर्तन से संध्या का रूप सजेगा
धन्य मेरा जीवन, जब मुरलीधर का जन्म होगा।।

जन्माष्टमी की शुकामनाएँ…


गोपियों का प्यारा नंद का नंदलाला
कृष्ण कन्हैया हम सबका प्यारा
सखा संग माखन चुराता
जल्द कोई पकड़ ना पाता
करता शरारत ये गोपियों से
बांसुरी बजाकर मन बहलाता
पावन सा दिन है ये
जन्माष्टमी से जाना जाता
जिसमें समाई है शालीनता
पवित्रता और सच्चाई
दुनिया भर श्रीकृष्ण का
जन्मोत्सव बड़े प्यार से है मनाता
झूला झूलाकर, भोग लगाकर
घर आँगन महकाता
पावन सा दिन है ये
जन्माष्टमी से जाना जाता…..

🙏🙏

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